संवाददाता:शमशुल कुरैशी/न्यूज1उत्तराखण्ड
हरिद्वार। हर की पैड़ी पर ‘अरब शेख’ की वेशभूषा में घूमते युवकों पर विवाद, पुलिस जांच शुरू
मंगलौर/हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार के सबसे पवित्र घाट ‘हर की पैड़ी’ से एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दो युवक पारंपरिक अरबी वेशभूषा (शेख जैसे कपड़ों) में घाटों पर घूमते और वीडियो बनवाते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम और महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि हर की पैड़ी केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आस्था का केंद्र है। ऐसी जगहों पर इस तरह का प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा और साजिश की आशंका को लेकर कुछ संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह कृत्य जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने या क्षेत्र की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए किया गया हो सकता है। सवाल यह भी उठाए जा रहे हैं कि आखिर इन युवकों को वहां किसने भेजा और उनका असली मकसद क्या था। हरिद्वार पुलिस ने वायरल वीडियो का स्वतःसंज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है हरिद्वार हर की पौड़ी पर दो यूट्यूबर युवक अरबी लोगो जैसी वेशभूषा में पहुंचे थे। इस दौरान दोनों ने वहां पर कई जगह पर वीडियो फोटो शूट भी किया। इस दौरान ये युवक न केवल घाट पर घूमते रहे, बल्कि वहां मौजूद कुछ तथाकथित मीडिया कर्मियों को इंटरव्यू (बाइट) भी दी। हरिद्वार स्थानीय लोगों का सवाल है कि पुलिस और धार्मिक संस्थाओं की मौजूदगी के बावजूद उन्हें रोका क्यों नहीं गया। मामले को लेकर स्थानीय हिन्दू संगठनों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है,तथा पुलिस से हर की पौड़ी पर गई ऐसी हरकत लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हरिद्वार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इन युवकों के बारे में कोई जानकारी हो, तो तत्काल हरिद्वार पुलिस को सूचित करें। मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह केवल सोशल मीडिया कंटेंट (वीडियो) बनाने का प्रयास था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।”






