संवाददाता:डॉ अरशद हुसैन/न्यूज 1उत्तराखण्ड
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के जानलेवा शौक ने बुधवार को एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। बाइक से जा रहे एक डॉक्टर के गले में मांझा इस कदर फंसा कि बीच सड़क पर ही उनकी गर्दन कट गई और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
मृतक की पहचान डॉक्टर समीर हाशमी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, डॉ. हाशमी बुधवार को किसी काम से बाइक पर सवार होकर जौनपुर आए थे। काम निपटाकर जब वह वापस लौट रहे थे, तभी लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया के पास हवा में झूलता हुआ चाइनीज मांझा उनके गले में आकर फंस गया।
बाइक की रफ्तार होने के कारण मांझा उनके गले में गहराई तक धंस गया। डॉक्टर समीर ने संभलने की कोशिश की, लेकिन मांझे ने उनकी गर्दन को बुरी तरह काट दिया। वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े और तड़पने लगे।
अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें
सड़क पर हुई इस भयानक दुर्घटना को देख राहगीरों के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में एंबुलेंस को सूचना दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद डॉ. समीर हाशमी को मृत घोषित कर दिया।
प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा ‘मौत का धागा’
प्रशासन द्वारा चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगाई गई है, लेकिन यह घटना साबित करती है कि बाजार में अब भी चोरी-छिपे यह ‘मौत का धागा’ बिक रहा है। पचहटिया के पास हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है।
महत्वपूर्ण अपील: दोपहिया वाहन चलाते समय गले में मफलर या हेलमेट के साथ नेक-गार्ड का प्रयोग जरूर करें। पतंगबाजी के लिए सूती धागे का ही इस्तेमाल करें, ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े।






