संवाददाता: शमशुल कुरैशी/news1uttrakhand.in
हरिद्वार। एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने दिसंबर माह के ‘क्राइम ऑडिट’ के बाद जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान एसएसपी का सख्त रूप देखने को मिला, जहां उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने लापरवाह पुलिसकर्मियों वह थानों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन थाना प्रभारियों को आड़े हाथों लिया जिनकी परफॉर्मेंस संतोषजनक नहीं रही। बैठक के दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिसिंग ऐसी होनी चाहिए जिससे अपराध करने वाले अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ पैदा हो और आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे।

दबंगों और ‘गन कल्चर’ पर प्रहार
सोशल मीडिया या सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर दबंगई दिखाने वालों के खिलाफ एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
लाइसेंस निरस्तीकरण। उन्होंने कहां की जनपद में पुलिस ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई करेगी जो शादी विवाह या सोशल मीडिया पर लाइसेंसी शास्त्रों का अवैध रूप से प्रदर्शन करते है। आपको बता दें कि अब बंदूक की धौंस दिखाने वालों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहां की ऐसे लोगों के विरुद्ध केवल लाइसेंस रद्द करना काफी नहीं, ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। दंगाइयों पर एक्शन: कानून हाथ में लेने वाले हुड़दंगियों पर तत्काल ‘कानून की लाठी’ चलाने के आदेश दिए गए हैं।
बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए ‘सुकून’ की रणनीति आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए एसएसपी ने विशेष रणनीति तैयार की है। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और शोर-शराबा या व्यवधान डालने वाले असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्र बिना किसी डर या बाधा के परीक्षा दे सकें।
एसएसपी की नई क्राइम कंट्रोल रणनीति के मुख्य बिंदु:
हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी: क्षेत्र के पुराने अपराधियों और दबंगों की ताजा रिपोर्ट तलब की गई है।
क्विक रिस्पांस: दंगाइयों और उपद्रवियों की सूचना मिलते ही बिना देरी किए सख्त कार्रवाई।
बीट पुलिसिंग: जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत कर अपराध को पनपने से पहले ही रोकना।
“पुलिसिंग का मतलब सिर्फ गश्त करना नहीं, बल्कि अपराधियों में पुलिस का इकबाल बुलंद करना है। जो भी शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उस पर कानून का शिकंजा सबसे पहले कसेगा।”
— प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, एसएसपी हरिद्वार






