मंगलौर काजी निजामुद्दीन का सरकार पर तीखा हमला, कहा- “भ्रष्टाचार और बेरोजगारी में नंबर-1 बना उत्तराखंड”
मंगलौर (शमशुल कुरैशी): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन ने पलटवार करते हुए प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए जनता को गुमराह कर रही है। राज्य सरकार की ‘पोल’ खुद भाजपा के ही नेता खोल रहे हैं।
काजी निजामुद्दीन ने कड़े शब्दों में कहा कि आज प्रदेश में विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्षी दल तो दूर, खुद भाजपा के ही मंत्री और विधायक समय-समय पर सरकार के विकास दावों की पोल खोलते रहते हैं। मुख्यमंत्री केवल आरोप-प्रत्यारोप के सहारे अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने सरकार कई प्रमुख मुद्दों पर घेरा है। कांग्रेस नेता ने वर्तमान सरकार की चार सबसे बड़ी विफलताएं गिनाईं,
भ्रष्टाचार: विकास कार्यों के नाम पर केवल बंदरबांट हो रही है।
बेरोजगारी: प्रदेश का युवा आज सड़कों पर है, रोजगार के अवसर खत्म हो चुके हैं।
महिला सुरक्षा: प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है।
जुमलेबाजी: विकास केवल कागजों और भाषणों तक सीमित रह गया है।
“उत्तराखंड की जनता अब इस जुमलेबाज सरकार की असलियत पहचान चुकी है। बेरोजगारी चरम पर है और विकास के नाम पर केवल भ्रष्टाचार पनप रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।”
— काजी निजामुद्दीन, राष्ट्रीय सचिव, कांग्रेस
उन्होंने कहा कि जनता की अदालत में अब जल्द फैसला होने जा रहा है। काजी निजामुद्दीन ने साफ किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और सरकार केवल सुर्खियां बटोरने में व्यस्त है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और वर्तमान सरकार की ‘नाकामी’ का हिसाब आने वाले चुनाव में बराब
र किया जाएगा।






