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कहीं खेत में नमाज़ पढ़ते बुजुर्ग की पिटाई, तो कहीं ट्रक चालक की पिटाई और कबाड़ी से बदसलूकी; मंगलौर विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने की डीजीपी उत्तराखंड को पत्र लिखकर देवभूमि में नफरत फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई मांग,

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संवाददाता: शमशुल कुरैशी/news1uttrakhand.in

देहरादून/मंगलौर: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों में सांप्रदायिक आधार पर हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को लेकर मंगलौर विधायक काज़ी मौ० निज़ामुद्दीन ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मंगलौर विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने अपने पत्र में राज्य में हाल ही में घटी दो विशेष घटनाओं का उल्लेख किया है जो चिंता का विषय हैं। आपको बता दें एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति के साथ उस समय अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई जब वह खेत में नमाज़ अदा कर रहे थे। घटना के दौरान आरोपी ने पहले पीड़ित नमाज पढ़ रहे व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार करने के साथ डंडे से मारपीट की,जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। दूसरी घटना हरिद्वार में एक मुस्लिम ट्रक चालक को केवल उसके धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। तीसरी घटना हरिद्वार के ही कनखल में घटी जब एक गरीब कबाड़ की फेरी करने वाले के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मंगलौर विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने इन घटनाओं की कड़ी शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को कानून के राज और सामाजिक सद्भाव पर खतरा बताया है।

उत्तराखंड राज्य के डीजीपी दीपम सेठ को लिखे पत्र में विधायक ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएँ न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि राज्य के आपसी विश्वास और संवैधानिक मूल्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ उसकी आस्था, पहचान या समुदाय के आधार पर हिंसा या उत्पीड़न पूर्णतः अस्वीकार्य है। इन घटनाओं की पुनरावृत्ति से समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा है, जिसे समय रहते रोका जाना अनिवार्य है।”
मंगलौर विधायक ने पुलिस प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा एवं मान की है कि इन घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष एवं त्वरित जाँच सुनिश्चित की जाए। दोषियों के विरुद्ध कड़ी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर सख्त और उदाहरणात्मक कानूनी कार्रवाई हो। पीड़ितों की सुरक्षा और सम्मान की पूर्ण गारंटी दी जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि राज्य में कानून का शासन बना रहे।


विधायक ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान हमेशा से शांति और भाईचारे से रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है” और राज्य की इस पहचान को हर हाल में कायम रखा जाना चाहिए। वहीं मामले में पुलिस प्रशासन ने आरोपियों के विरुद्ध कानूनी करने की बात कही है। जल्द ही घटनाओं में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

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