संवाददाता: शमसुल कुरैशी/news1uttrakhand.in
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने गुरु-शिष्य परंपरा और साधु समाज को शर्मसार कर दिया है। पुलिस ने एक ऐसे कथित साधु को गिरफ्तार किया है, जो पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करता था, लेकिन बाद में चोला बदलकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने के काले खेल में शामिल हो गया।

ग़ौरतलब है कि हरिद्वार पुलिस ने एक साधु को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान योगी अशोक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि अशोक कुमार पिछले 10 वर्षों तक उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील रहा था। कुछ समय पूर्व वह हरिद्वार आया और यहाँ के एक प्रतिष्ठित आश्रम में शामिल हो गया। इस दौरान साधु के वेश में वकील ने आश्रम में रहते हुए उसने एक आश्रम की साध्वी से नजदीकियां बढ़ाईं और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शातिर दिमाग अशोक की नजर साध्वी के आश्रम पर थी,इस दौरान साधु अशोक ने धोखे से साध्वी के साथ बिताए निजी पलों का अश्लील वीडियो बना लिया। अशोक कुमार का असली मकसद अध्यात्म नहीं, बल्कि आश्रम की करोड़ों की संपत्ति और साध्वी की गद्दी हथियाना था। जब साध्वी को उसकी संदिग्ध गतिविधियों और इरादों की भनक लगी, तो तुरंत पीड़ित साध्वी द्वारा कड़ा फैसला लेते हुए अशोक को ट्रस्ट से बाहर निकाल दिया। ट्रस्ट से निकाले जाने के बाद बौखलाए शातिर अशोक ने साध्वी पर दबाव बनाने और उन्हें बदनाम करने के लिए अपने पास मौजूद ‘इंटरिम वीडियो’ को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़िता आश्रम स्वामिनी साध्वी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करते हुए हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी को कागज़ी कार्यवाही के बाद न्यायालय के पेश किया है। यह मामला समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। आजकल डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे पढ़े-लिखे लोग भी शॉर्टकट से पैसा कमाने के चक्कर में बाबा और ज्योतिषी का चोला ओढ़ रहे हैं। ऐसे पाखंडी न केवल धर्म को बदनाम कर रहे हैं, बल्कि भोली-भाली जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं।

“हिंदुओं को जितना खतरा बाहरी ताकतों से नहीं है, उतना इन छद्म वेशधारी पाखंडियों और ढोंगियों से है जो धर्म की आड़ में अपनी तिजोरियां भर रहे हैं।”
पुलिस का संदेश: उत्तराखंड पुलिस (देहरादून वाले धाकड़ धामी के नेतृत्व में) अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। इस मामले में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।






