संवाददाता:शमसुल कुरेशी/news1uttrakhand.in
मंगलौर! मंगलौर मासूम बच्चियों के साथ अपराध करने वाले अपराधियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस का सख्त अभियान जारी है। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने लगभग दो महीने से फरार चल रहे दुष्कर्म के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी ने खुद को मृत साबित करने का फिल्मी ड्रामा भी रचा था, लेकिन पुलिस की सूझबूझ के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई। पुलिस ने आरोपित को विधिक कार्यवाही के बाद चालान कर न्यायलय में पेश किया है!
गौरतलब हैं कि कोतवाली मंगलौर पुलिस ने एक ऐसे दुष्कर्म के शातिर किस्म के अपराधी को गिरफतार किया है! जो अपने आपको मृत घोषित करना चाहता था! लेकिन पुलिस की एक कहावत की पुलिस अपराधी को पाताल से भी ढूंढ लेती हैं,सही साबित हुई! मामला अप्रैल का है, जब मंगलौर क्षेत्र के एक निवासी ने आरोपी नीटू के खिलाफ अपनी 7 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं और पोक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया था! 
पुलिस के अनुसार, नामजद आरोपी नीटू उर्फ ज्ञानेंद्र ने पुलिस को गुमराह करने और खुद को मरा हुआ साबित करने के लिए गंगनहर के किनारे अपने कपड़े, जूते और अन्य सामान छोड़ दिए थे। उसका मकसद पुलिस को यह यकीन दिलाना था कि उसने नहर में कूदकर जान दे दी है ताकि पुलिस उसका पीछा करना छोड़ दे। हालांकि, मंगलौर पुलिस ने इस ड्रामे पर यकीन न करते हुए अपनी खुफिया जांच जारी रखी और आखिरकार आरोपी को दबोच लिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी मंगलौर के पर्यवेक्षण में विशेष टीमों का गठन किया गया था। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिसके चलते माननीय न्यायालय से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कराया गया था। लगातार दबिश और सभी पहलुओं पर गहन जांच के बाद मंगलौर पुलिस टीम ने आरोपी को धर दबोचा।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर ने बताया है कि दुष्कर्म के मामले फ़रार चल रहे एक आरोपी नीटू उर्फ ज्ञानेंद्र पुत्र मुंशी मन्नाखेड़ी, कोतवाली मंगलौर, जिला हरिद्वार को गिरफतार किया हैं! उन्होंने है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।






