संवाददाता: शमशुल कुरैशी/www.news1uttrakhand.in
मंगलौर (हरीद्वार)। मंगलौर देहात क्षेत्र में अवैध गौकशी के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। एसएसपी हरिद्वार के नेतृत्व में मंगलौर कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गौकशी में लिप्त कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। बताते चले कि पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही को देखकर कई गोकश घर छोड़ फरार हो गए है।
देहात क्षेत्र में गन्ने के खेतों में चल रहा था अवैध काला कारोबार
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि देहात क्षेत्र के सुनसान इलाकों और गन्ने के खेतों में बड़े पैमाने पर गौकशी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने एक विशेष टीम का गठन किया। 
पुलिस टीम ने रणनीति के तहत गौकशी करने वालो के विरुद्ध दबिश दी और टांडा भनेड़ा के गन्ने के खेतों से दो मुख्य आरोपियों को रंगे हाथ दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्न रूप में हुई है,शकील पुत्र शौकीन (निवासी: थाना छपार, मुजफ्फरनगर) आरिफ उर्फ तस्लीम पुत्र याकूब (निवासी: मोहल्ला किला, मंगलौर) कार्यवाही के दौरान पुलिस ने प्रतिबंधित मांस भारी मात्रा में बरामद करने के साथ ही उपकरण भी बरामद किए है। पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने मौके से गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं।
मांस तोलने के लिए तराजू
लकड़ी के बड़े गुटके
अन्य धारदार औजार और सामान
पैरवी करने वालों को प्रभारी की कड़ी फटकार
कार्रवाई के दौरान कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह का सख्त रूप भी देखने को मिला। खबर है कि जब कुछ लोग पकड़े गए आरोपियों की पैरवी करने थाने पहुंचे, तो प्रभारी निरीक्षक ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए थाने से बाहर खदेड़ दिया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। रविवार को पुलिस टीम ने क्षेत्र के कई चिन्हित ठिकानों और संदिग्धों के घरों पर दबिश दी। पुलिस के इस भारी दबाव के कारण कई आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी रहेगी।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया है कि”गौकशी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले दो हफ्तों में हमने तीन से अधिक आरोपियों को जेल भेजा है और यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।”
— कोतवाली प्रभारी, मंगलौर






