संवाददाता: शमशुल कुरैशी/news1uttrakhand.in
मंगलौर। उत्तराखंड पुलिस की ‘मित्र पुलिस’ वाली छवि एक बार फिर धरातल पर सच साबित हुई है। मंगलौर में मानवता का परिचय देते हुए पुलिस टीम ने एक लावारिस हालत में घूम रहे 11 वर्षीय बालक को न केवल रेस्क्यू किया, बल्कि उसे सुरक्षित संरक्षण भी प्रदान किया। जानकारी के अनुसार रूड़की के पटियाला लस्सी की दुकान के पास एक छोटा बच्चा लावारिस हालत में खड़ा मिला। बच्चा भूख से बेहाल था और आने-जाने वाले लोगों से खाने की चीज़ें माँग रहा था। गश्त पर तैनात टीम की नजर जब इस बच्चे पर पड़ी, तो उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए उससे पूछताछ की।
पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम गिरधारी (काल्पनिक नाम) तथा का पिता का नाम राजेश निवासी ग्राम ठाकुरद्वारा उत्तर प्रदेश बताया है। उसने बताया कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है।
बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सिविल लाइन कोतवाली लाया गया। यहाँ पुलिस अधिकारियों ने बच्चे की काउंसलिंग की ताकि वह डरे नहीं। इसके बाद नियमनुसार उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
बाल कल्याण समिति के सुपुर्द उचित देखरेख और कानूनी प्रक्रिया के तहत बालक को बाल कल्याण समिति (CWC) रोशनाबाद, हरिद्वार के समक्ष पेश किया गया। बालक के परिजनों के बारे में तत्काल कोई जानकारी न मिल पाने के कारण, समिति के आदेश पर उसे ‘खुला आश्रय गृह’ कनखल में संरक्षण दिलाया गया है। पुलिस द्वारा परिजनों की तलाश के लिए टीम गठित की गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर बालक को उसके परिवार से मिलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं:
अपर उप निरीक्षक: गजपाल राम
हेड कॉन्स्टेबल: (नाम जोड़ें)
कॉन्स्टेबल: मुकेश कुमार
कॉन्स्टेबल: बृजेश
महिला कॉन्स्टेबल: कविता
पुलिस की अपील: यदि किसी के पास इस बालक या इसके परिजनों के संबंध में कोई जानकारी हो, तो कृपया स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित करें।






