संवाददाता:डॉ.अरशद हुसैन
देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत विजिलेंस टीम ने आज एक बड़ी सफलता हासिल की है। देहरादून विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार के जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) श्याम आर्य और उनके सहायक गौरव शर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
कार्यालय परिसर में ही बिछाया गया जाल
मिली जानकारी के अनुसार, विजिलेंस को एक राशन डीलर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जिला पूर्ति विभाग में उसके काम के बदले अधिकारियों द्वारा 50 हजार रुपये की अवैध मांग की जा रही है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया था। इस दौरान जैसे ही पीड़ित ने जिला पूर्ति कार्यालय परिसर में अधिकारियों को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से मुस्तैद विजिलेंस टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया। विजिलेंस की इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे जिला पूर्ति विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
- आरोपी: श्याम आर्य (जिला पूर्ति अधिकारी) और गौरव शर्मा (सहायक)।
- रिश्वत की राशि: ₹50,000 (नकद बरामद)।
- वजह: राशन डीलर से काम के एवज में कमीशन/रिश्वत की मांग।
- धाराएं: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज।
विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उनके संपत्तियों व अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।






