ब्यूरो/न्यूज1उत्तराखंड/www.news1uttrakhand.in
देहरादून: अगर आप उत्तराखंड की सड़कों पर बिना वैध दस्तावेजों के वाहन चला रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। राज्य सरकार कल यानी सोमवार से ‘ई-डिटेक्शन प्रणाली’ (E-Detection System) लागू करने जा रही है। अब टोल प्लाजा पार करते ही आपके वाहन के दस्तावेजों की जांच ऑटोमैटिक तरीके से होगी और कमी पाए जाने पर तुरंत मोबाइल पर चालान पहुंच जाएगा।
क्या है ई-डिटेक्शन प्रणाली?
यह प्रणाली टोल प्लाजा पर लगे कैमरों और फास्टैग (FASTag) तकनीक पर आधारित है। जैसे ही कोई वाहन टोल पार करेगा, सिस्टम उसके रजिस्ट्रेशन नंबर को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ‘वाहन’ पोर्टल से कनेक्ट कर देगा। यहाँ सॉफ्टवेयर सेकंडों में वाहन के सभी दस्तावेजों (जैसे बीमा, फिटनेस, परमिट) की जांच करेगा।
इन 7 टोल प्लाजा पर होगी शुरुआत (पहला चरण)
उत्तराखंड के परिवहन विभाग ने पहले चरण में राज्य के 7 प्रमुख टोल प्लाजा को इस सिस्टम से जोड़ा है:
हरिद्वार: बहादराबाद और भगवानपुर टोल प्लाजा।
देहरादून: लच्छीवाला टोल प्लाजा।
ऊधमसिंह नगर: जगतापुर पट्टी, बनुषी, नगला और देवरिया टोल प्लाजा।
किन दस्तावेजों पर कटेगा चालान?
परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार, पहले चरण में मुख्य रूप से तीन दस्तावेजों के उल्लंघन पर ऑटोमैटिक चालान कटेंगे:
वैध परमिट (Permit)
वाहन बीमा (Insurance)
फिटनेस प्रमाण पत्र (Fitness)
इसके अलावा, यह सिस्टम उन वाहनों की भी पहचान कर लेगा जो 15 वर्ष से पुराने हैं और जिनका पंजीकरण (Registration) रिन्यू नहीं कराया गया है।
सीधे मोबाइल पर आएगा SMS
जैसे ही सिस्टम किसी नियम का उल्लंघन पकड़ेगा, वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तुरंत एक SMS आएगा। इस मैसेज में:
चालान की राशि (Fine Amount)
उल्लंघन का प्रकार (जैसे- No Insurance)
ऑनलाइन भुगतान के लिए डिजिटल लिंक
विशेष नोट: ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात के बाद उत्तराखंड इस अत्याधुनिक प्रणाली को लागू करने वाला देश का पांच
वां राज्य बन गया है।






