Latest News
मंगलौर: हरिद्वार पुलिस कप्तान के ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश का असर, नारसन बॉर्डर पर पकड़े गए अंतर्राज्यीय गो-तस्कर मंगलौर पुलिस की बड़ी कामयाबी: घर की दीवार फांदकर चोरी करने वाला शातिर 24 घंटे में गिरफ्तार, शत-प्रतिशत माल बरामद छप्पर में संचालित हो रहीं हैं,मीट की दुकान,हिंदू संगठनों ने की हरिद्वार जिलाधिकारी,वह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत,खुले में मांस की बिक्री होने पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग सोया है कुंभकर्णी नींद! मासूम की चीखें सहन नहीं कर सका सौतेला पिता, सीने पर लात मारकर ली जान; इनामी हत्यारोपी गिरफ्तार मंगलौर: गाड़ी पर हूटर लगाकर टशन दिखाना पड़ा भारी, पुलिस ने कार को किया सीज मंगलौर: ईद की तैयारियों को लेकर एक्शन मोड में नगर पालिका; चेयरमैन और ईओ ने किया ईदगाह का निरीक्षण
Home » Uncategorized » मंगलौर, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के नाम पर युवक से 1 लाख की ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच

मंगलौर, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के नाम पर युवक से 1 लाख की ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच

Share:

संवाददाता: शमशुल कुरैशी/www.news1uttrakhand.in

मंगलौर (उत्तराखंड): डिजिटल पेमेंट के दौर में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताज़ा मामला मंगलौर कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ एक युवक ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो गया और उसके खाते से ₹1 लाख की चपत लग गई।

जानकारी के मुताबिक, मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मन्नाखेड़ी निवासी हरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने 27 जुलाई 2025 को हैदराबाद निवासी शिवाली मैथ्यू के बैंक ऑफ इंडिया (रुड़की शाखा) के खाते में ₹1,00,000 ट्रांसफर किए थे। लेनदेन के बाद जब हरेंद्र ने शिवाली को ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भेजा, तो शिवाली ने यह कहकर पैसे मिलने से इनकार कर दिया कि जिस खाते में पैसे भेजे गए हैं, वह उनके नाम पर फर्जी तरीके से खोला गया है। शिवाली ने दावा किया कि उन्हें कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है।

पीड़ित ने साइबर सेल और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस दौरान ठगी का अहसास होने पर पीड़ित हरेंद्र ने उसी दिन साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराई। अब इस मामले में मंगलौर कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर मामले की गहराई से जांच करने और डूबी हुई रकम वापस दिलाने की मांग की गई है।

कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड्स और ट्रांजेक्शन डिटेल्स के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर वह खाता किसका है और पैसे किसने निकाले हैं।

सावधानी ही बचाव है: पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के खाते में बड़ी राशि भेजने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य कर लें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर

कॉल करें।

Leave a Comment