संवाददाता: शमशुल कुरैशी/news1uttrakhand.in
मंगलौर। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खेड़ाजट में हुई सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ घेराबंदी और तेज कर दी है। गुरुवार को पुलिस टीम ने न्यायालय के आदेश पर फरार मुख्य अभियुक्त हिमांशु उर्फ मौला के घर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ कुर्की (धारा 84 की मुनादी की और अंतिम चेतावनी दी है। पुलिस ने आरोपी को जल्द आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है। नहीं आरोपी के घर पर कुर्की की कार्यवाही की जाएगी।
बीती 3 फरवरी की शाम को मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खेड़ाजट में दबंगों के बीच हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार परमेंद्र सिंह डोभाल के कड़े निर्देश पर कार्रवाई शुरू की। इस मामले में पुलिस अब तक 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन हिमांशु उर्फ मौला और कुछ अन्य साथी अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं।

ढोल बजाकर दी गई चेतावनी
पुलिस टीम भारी फोर्स के साथ अभियुक्त हिमांशु के निवास स्थान पर पहुंची। गांव में सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई कि यदि आरोपी निर्धारित समय के भीतर न्यायालय या थाने में आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो प्रशासन द्वारा उसकी चल-अचल संपत्ति को जब्त (कुर्क) कर लिया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने आरोपी के घर के मुख्य द्वार और गांव के सार्वजनिक स्थानों पर कोर्ट का नोटिस चस्पा कर दिया है। धारा 84 BNSS फरार अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर यह कुर्की की प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया है।

मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया है कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी सूरत में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहां की”क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग करने वाले और कानून को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों के पास सरेंडर करने का यह आखिरी मौका है, अन्यथा उनकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया जाएगा। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।






