संवाददाता:शमसुल कुरेशी/news1uttrakhand.in
पशुपालकों में हड़कंप, पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने शुरू किया बीमार पशुओं का उपचार, मुआवजे की मांग
धनौरी/मंगलौर। धनौरी क्षेत्र में पुरानी गंगनहर के किनारे जहरीला चारा (घास) चरने से दो मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना से क्षेत्र के पशुपालकों में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बीमार पशुओं का आपातकालीन उपचार शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, धनौरी क्षेत्र के ग्रामीण व पशुपालक रोज की तरह अपने मवेशियों को चराने के लिए पुरानी गंगनहर के किनारे ले गए थे। चराई के दौरान जैसे ही मवेशियों ने वहां उगी घास खाई, कुछ ही देर में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई पशु घबराकर इधर-उधर भागने लगे, तो कुछ जमीन पर गिरकर तड़पने लगे। यह खौफनाक मंजर देखकर मौके पर मौजूद पशुपालकों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने तुरंत घटना की सूचना पशु चिकित्सा विभाग को दी। हालांकि, जब तक डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंचती, तब तक दो मवेशी दम तोड़ चुके थे। इसके बाद चिकित्सकों ने मोर्चा संभाला और गंभीर रूप से प्रभावित अन्य पशुओं का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, कई पशुओं की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इस अप्रत्याशित घटना से गरीब पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है, जिससे कई परिवार सदमे में हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घास जहरीली होने या उसमें कोई केमिकल मिले होने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, पीड़ित पशुपालकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।






