देहरादून/ब्यूरो
विकासनगर: नाम पूछकर दो शॉल विक्रेताओं पर जानलेवा हमला, क्षेत्र में तनाव; मुकदमा दर्ज
विकासनगर (देहरादून): उत्तराखंड के विकासनगर-डाकपत्थर रोड पर मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ मजदूरी कर अपना गुजारा करने वाले दो मुस्लिम युवकों पर महज उनके नाम और पहचान के कारण जानलेवा हमला किया गया। हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
नमकीन लेने गए थे युवक
मिली जानकारी के अनुसार, दानिश और ताबिश नाम के दो युवक विकासनगर क्षेत्र में घूम-घूम कर शॉल बेचने का काम कर रहे थे। प्यास या भूख लगने पर वे पास ही स्थित संजय नामक व्यक्ति की किराने की दुकान पर नमकीन का पैकेट लेने पहुँचे।
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के अनुसार, दुकानदार संजय ने पहले उनसे उनके नाम पूछे। जैसे ही युवकों ने अपना नाम ‘दानिश’ और ‘ताबिश’ बताया, आरोपी और उसके परिवार वाले उग्र हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने जाति-सूचक और सांप्रदायिक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला बोल दिया।
लहूलुहान हुए युवक, इलाके में स्थानीय मुस्लिमों भारी रोष
हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि दोनों युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर रॉड लगने के कारण युवक मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर मुस्लिम सेवा संगठन के प्रतिनिधि इमरान खान और उनके अन्य साथी तुरंत मौके पर पहुँचे और घायलों को सहायता पहुँचाई।
> “मजदूरी करने वाले बच्चों को उनकी पहचान के आधार पर निशाना बनाना कायराना हरकत है। हम कानून पर भरोसा रखते हैं और दोषियों को सख्त सजा दिलाने तक पीछे नहीं हटेंगे।”
> — इमरान खान, मुस्लिम सेवा संगठन
घटना के बाद मुस्लिम सेवा संगठन और स्थानीय जागरूक नागरिकों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ऐसी घटनाएं समाज के ताने-बाने को कमजोर करती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल दोषियों को सजा दे, बल्कि ऐसी नफरती सोच को पनपने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए।






