संवाददाता:शमसुल कुरेशी/news1uttrakhand.in
मंगलौर। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम लिब्बरहेड़ी में एक पुराने मामले को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद एक बार फिर गहरा गया। आरोप है कि एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष पर पुरानी प्राथमिकी (FIR) वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। बात बढ़ने पर एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर पर धावा बोल दिया और जमकर पथराव के साथ-साथ कई राउंड फायरिंग की। इस हिंसक झड़प में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित नईम अहमद निवासी लिब्बरहेड़ी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गत 5 जून को गांव के ही कालू, रेशब और सादिक आदि ने उनके चचेरे भाई शहजाद के घर में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी रेशब को गिरफ्तार कर शांतिभंग की धारा में चालान किया था। नईम के मुताबिक, बीती 7 जून की शाम करीब 5 बजे आरोपी रेशब जमानत पर छूटकर वापस गांव पहुंचा। आरोप है कि गांव आते ही रेशब ने पीड़ित परिवार को दी गई प्राथमिकी वापस लेने के लिए डराना-धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उसी दिन (7 जून) शाम करीब 6 बजे रेशब अपने साथियों—शमशाद, शादाब, मुन्ना, मुरसलीन, अलाउद्दीन, कालू, दानिस, सोनू व अन्य अज्ञात लोगों के साथ एकजुट होकर पीड़ित के घर पहुंच गया।

हमलावरों ने घर में घुसकर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया और तमंचे से कई राउंड फायरिंग की। पीड़ित नईम का कहना है कि रेशब और शमशाद ने सीधे उन पर भी फायर किया, जिसमें वे बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस हमले में नईम के पुत्र मुकीम और भतीजे आवेश को गंभीर चोटें आई हैं। फायरिंग और पथराव की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े, जिनकी मदद से घायलों को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। पीड़ित ने पुलिस को यह भी बताया कि पूरी घटना का वीडियो उनके और गांव वालों के पास मौजूद है, जबकि हमलावर अभी भी लगातार उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
“पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर 9 नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम जांच में जुट गई है। कानून व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसा करने वाले आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
— भगवान सिंह मेहर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मंगलौर






