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उत्तराखंड: सीमावर्ती गांवों के लिए ‘स्वस्थ सीमा अभियान’ का आगाज; ITBP और राज्य सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

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ब्यूरो/देहरादून

देहरादून:।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में आज उत्तराखंड सरकार और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। ‘स्वस्थ सीमा अभियान’ के तहत होने वाले इस समझौते का मुख्य उद्देश्य पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जैसे सीमावर्ती जनपदों के 108 गांवों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 

​स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

​इस MoU के तहत ITBP अपने योग्य डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों (MI रूम एवं टेली-मेडिसिन) के माध्यम से स्थानीय नागरिकों का उपचार करेगी।

  • नियमित भ्रमण: स्वास्थ्य दल नियमित रूप से गांवों का दौरा करेंगे।
  • डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: लाभार्थियों के लिए मेडिकल हेल्थ कार्ड और रिकॉर्ड का उचित प्रबंधन किया जाएगा।
  • दवाइयों की उपलब्धता: दुर्गम क्षेत्रों में दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

​’वोकल फॉर लोकल’ और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा।

​मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस पहल से न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ होंगी, बल्कि ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

प्रमुख आर्थिक बिंदु:

  • सीधी खरीद (Point to Point Model): बिचौलियों और ठेकेदारों को हटाकर अब ITBP सीधे किसानों और पशुपालकों से उत्पाद खरीदेगी।
  • बड़ा निवेश: वर्ष 2026 के लिए स्थानीय उत्पादों की खरीद का विस्तृत खाका तैयार किया गया है, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग ₹32.76 करोड़ है।
  • क्या-क्या खरीदा जाएगा: इसमें जीवित भेड़-बकरी (₹13 करोड़), मुर्गी (₹4 करोड़), हिमालयन ट्राउट मछली (₹3.90 करोड़), ताज़ा दूध, पनीर, फल-सब्जियां और सहकारी मिलों की चीनी शामिल है।

​रिवर्स माइग्रेशन और पर्यावरण को लाभ

​मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस व्यवस्था से सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे रिवर्स माइग्रेशन (पलायन पर रोक) को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर आपूर्ति होने से परिवहन कम होगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में से 10 लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान देती है।

​कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य

​इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम और ITBP के आईजी संजय गुंज्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • लक्ष्य: 108 सीमावर्ती गांव (चरण-1)।
  • लाभार्थी: 550 से अधिक सीमावर्ती निवासी अब तक लाभान्वित।
  • आपूर्ति: मार्च 2025 से 100% आपूर्ति स्थानीय स्तर से करने का लक्ष्य।
  • कनेक्टिविटी: दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित आवागमन के लिए UCADA हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग भी प्रस्तावित।

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