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संवाददाता:डॉ.अरशद हुसैन/www.news1uttrakhand.in

डीएम की सख्ती के आगे झुके कलियुगी बेटे: माँ के पैरों में गिरकर मांगी माफी, मिला ‘जिला बदर’ होने का अल्टीमेटम

देहरादून। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और जिन बेटों को पाल-पोसकर बड़ा किया, वही बुढ़ापे की लाठी बनने के बजाय जान के दुश्मन बन जाएं, तब कानून का ‘हंटर’ ही काम आता है। देहरादून के बंजारावाला क्षेत्र में एक विधवा माँ की ममता पर भारी पड़ रहे बेटों को जिलाधिकारी सविन बंसल की अदालत ने आईना दिखाया। डीएम ने दो टूक चेतावनी दी— “या तो माँ के पैरों में गिरकर माफी मांगो और सुधर जाओ, वरना जिला बदर (शहर से बाहर) कर दिए जाओगे।”

गौरतलब है कि सूबे की राजधानी देहरादून के बंजारावाला निवासी विजय लक्ष्मी पंवार पिछले काफी समय से अपने ही बेटों के अत्याचार सह रही थीं। उनके दोनों बेटे नशे के आदी थे और पैसों के लिए अपनी विधवा माँ के साथ मारपीट व गाली-गलौज करते थे। हालात इतने खराब थे कि महिला को हर रात अपनी जान का डर सताने लगा था। अंत में हिम्मत जुटाकर उन्होंने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। इस सम्बन्ध में

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपनीय जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान पड़ोसियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बेटों के दुर्व्यवहार की पुष्टि की। इसके बाद प्रशासन ने दोनों बेटों के खिलाफ ‘गुंडा नियंत्रण अधिनियम’ (Guanda Act) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी।

जैसे ही गुंडा एक्ट और शहर से बाहर निकाले जाने (जिला बदर) की कानूनी तलवार लटकी, बेटों की सारी हेकड़ी हवा हो गई। न्यायालय में दोनों बेटों ने अपनी गलती स्वीकार की और अपनी माँ के पैरों में गिरकर क्षमा याचना की। इस दौरान दोनों भाइयों ने भविष्य में कभी नशा न करने का शपथ पत्र भी दिया है। इस दौरान दोनों ने माँ की सेवा करने और कभी हिंसा न करने का वचन दिया।

“महिलाओं, विधवाओं और निर्बल वर्गों के उत्पीड़न पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। यदि इन बेटों ने दोबारा अपनी माँ को प्रताड़ित किया, तो बिना किसी रियायत के कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून

बेटों के व्यवहार में सुधार और उनके लिखित हलफनामे को देखते हुए न्यायालय ने फिलहाल आगे की कड़ी कार्रवाई पर रोक लगा दी है। प्रशासन की इस सख्ती ने न केवल एक विधवा माँ को सुरक्षा दी, बल्कि समाज के बिगड़ैल बेटों को भी यह कड़ा संदेश दिया है कि कानून अब घर की चहारदीवारी के भीतर हो रहे अन्याय पर चुप नहीं

बैठेगा।

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