Latest News
गो संरक्षण सुरक्षा पुलिस टीम वह मंगलौर पुलिस का बड़ा छापा: गौकशी के एक मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,तो दूसरे में तीन आरोपी गिरफ्तार कई सौ किग्रा गोमांस व कटान उपकरण बरामद ​■ पुलिस टीम पर छुरियों से हमले का प्रयास; 6 आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार, तलाश जारी ​■ लाइसेंसी दुकान से ‘भैंस का मीट’ बताकर गोमांस बेचने का था खेल, आरोपी का खुलासा! ऑपरेशन प्रहार:हरिद्वार में गौकशों पर शिकंजा: पुलिस का बड़ा एक्शन, पूर्व में जेल जा चुके 16 आरोपी हिरासत में अमन हत्याकांड में 48 घंटे के भीतर एक्शन: रुड़की में पुलिस मुठभेड़, मुख्य आरोपी के पैर में लगी गोली, दो फरार,पुलिस ने आत्मसमर्पण करने को कहा तो बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग; घायल आरोपी अस्पताल में भर्ती। रुड़की में सनसनी: शराब कैंटीन संचालक की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस, बदमाशों की धरपकड़ के लिए शुरू किया सर्च ऑपरेशन मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन को मिली जान से मारने की धमकी, मुकदमा दर्ज ​दो अज्ञात नंबरों से भेजे गए आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो; सर्विलांस टीम जांच में जुटी सौतेली मां बनी शादी में बाधा, तो बेटी ने प्रेमी संग कार में ही उतार दिया मौत के घाट, मंगलौर पुलिस ने किया 24 घंटो में मामले का खुलासा
Home » उत्तराखंड » हरिद्वार पुलिस का बड़ा धमाका: महंत गुमशुदगी मामले में हत्या का खुलासा, दंपति समेत तीन गिरफ्तार

हरिद्वार पुलिस का बड़ा धमाका: महंत गुमशुदगी मामले में हत्या का खुलासा, दंपति समेत तीन गिरफ्तार

Share:

संवाददाता: शम्सुल कुरैशी/news1uttrakhand.in

हरिद्वार/भगवानपुर। जनपद के नए कप्तान एसएसपी नवनीत सिंह के कार्यभार संभालने के बाद हरिद्वार पुलिस ने अपनी पहली बड़ी कामयाबी दर्ज की है। पुलिस ने बहुचर्चित महंत गुमशुदगी प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। जिसे पहले केवल गुमशुदगी माना जा रहा था, वह वास्तव में एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में एक दंपति और उनके सहयोगी भाई को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि मानसिक और वित्तीय तनाव हत्या का कारण,,,महंत का सम्बन्ध बागपत निवासी एक महिला से था और आखिरी बार उसी से फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर महिला और उसके पति से पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में महिला ने बताया कि महंत उसके परिचित थे और अक्सर उसके घर आते-जाते थे। उसने बताया कि वह मानसिक और आर्थिक दबाव में थी। पांच फरवरी को उसने महंत को घर बुलाया और पूर्व नियोजित योजना के तहत अपने पति साथ मिलकर उसके पति ने कुल्हाड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपी दंपत्ति ने अपने एक रिश्तेदार की मदद से शव और मोटरसाइकिल को कृष्णा नदी में बहा दिया। साथ ही, मृतक का मोबाइल फोन, खून से सने बिस्तर, कपड़े और शव लपेटने में इस्तेमाल की गई चादर को जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया। पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि मुख्य आरोपी दंपति पिछले काफी समय से मानसिक और वित्तीय (आर्थिक) परेशानियों से जूझ रहे थे। इसी तनाव और आपसी विवाद के चलते उन्होंने महंत की हत्या करने जैसा आत्मघाती कदम उठाया। वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्यों को मिटाने के लिए आरोपियों ने पेशेवर अपराधियों की तरह योजना बनाई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की है। पुलिस ने नदी से महंत का शव बरामद करने में भी सफलता हासिल की है।

पदभार ग्रहण करते ही एसएसपी नवनीत सिंह ने इस जटिल गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे। टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और धरातलीय सूचनाओं के आधार पर कड़ियां जोड़ीं, जिससे आरोपियों का बच पाना नामुमकिन हो गया। इस सफल अनावरण के लिए जिले भर में पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना हो रही है।

“अपराध और अपराधियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”

— पुलिस प्रशासन, हरिद्वार

Leave a Comment