संवाददाता:शमसुल कुरेशी/news1uttrakhand.in
नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर नाबालिग लड़की को भेजा गया नारी निकेतन, कागजों में 16 साल 4 महीने निकली उम्र! 
मंगलौर। कस्बे के एक युगल जब प्रेम विवाह कर सुरक्षा की गुहार लगाने हाईकोर्ट पहुंचे एक प्रेमी जोड़े की मुश्किलें उस वक्त बढ़ गईं, जब जांच में लड़की नाबालिग निकली। लड़की के पिता द्वारा कोर्ट में साक्ष्य पेश किए जाने के बाद, नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर नाबालिग को नारी निकेतन भेज दिया गया है। वहीं, मंगलौर कोतवाली पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस फ़िलहाल नाबालिग युवती के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रहीं है! यह मामला क्षेत्र में अत्यधिक चर्चा का विषय बना हुआ है। 
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलौर निवासी एक प्रेमी जोड़े ने हाल ही में परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर निकाह कर लिया था। निकाह के बाद परिजनों के गुस्से और संभावित विरोध से बचने की नीयत से दोनों ने नैनीताल हाईकोर्ट की शरण ली थी। जोड़े ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। जैसे ही लड़की के परिवार वालों को इस निकाह और हाईकोर्ट में दायर याचिका की भनक लगी, उन्होंने तुरंत कानूनी कदम उठाए। लड़की के पिता ने नैनीताल हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर दावा किया कि उनकी पुत्री अभी नाबालिग है और उसका बहला-फुसलाकर निकाह कराया गया है। पिता ने अदालत के समक्ष लड़की के नाबालिग होने के पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए। 
अदालत और पुलिस जांच में लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होते ही कानून का शिकंजा कस गया है। मंगलौर कोतवाली पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानूनन नाबालिग का निकाह अमान्य है, इसलिए इस पूरे मामले में नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
“लड़की के पिता ने नैनीताल हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी पुत्री के नाबालिग होने के साक्ष्य पेश किए थे। कागजातों और साक्ष्यों के आधार पर लड़की की उम्र 16 वर्ष 4 महीने पाई गई है। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नाबालिग लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी युवक के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट व अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।”
— अभिनय चौधरी, क्षेत्राधिकारी (सीओ), मंगलौर






