संवाददाता:शमसुल कुरेशी/news1uttrakhand.in
मंगलोर (उत्तराखंड) कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। ‘समन्वय पोर्टल’ की मदद से कोतवाली मंगलोर पुलिस ने एक शातिर साइबर ठग का पर्दाफाश किया है। आरोपी भोले-भाले लोगों को लॉटरी और आयुर्वेदिक कंपनी में इनाम जीतने का लालच देकर ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। 
गौरतलब है कि मंगलौर कोतवाली पुलिस ने भोले-भाले लोगों को लाटरी वह आयुर्वेदिक कंपनी में इनाम जितने का लालच देकर ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले में सफ़लता प्राप्त की है! 
कोतवाली मंगलोर पुलिस ने अपनी यूनीक यूजर आईडी से समन्वय पोर्टल लॉगिन कर ‘प्रतिबिंब’ सेक्शन में उपलब्ध संदिग्ध बैंक खातों की जांच की। जांच के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की मंगलोर शाखा में संचालित एक बैंक खाता बेहद संदिग्ध पाया गया। पुलिस द्वारा
गहन पड़ताल करने पर पता चला कि 25 अप्रैल 2025 को ओडिशा के सुंदरगढ़ निवासी राजेश नायक के एसबीआई खाते से 51,485 रुपये (यूपीआई/फोन-पे के माध्यम से) इसी खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
यह रुपये लॉटरी के नाम पर कई लोगों से ऐंठे गए थे!
पीड़ित राजेश नायक के अनुसार, उसे एक कथित आयुर्वेदिक कंपनी की ओर से लॉटरी जीतने का फोन आया था। कॉलर ने इनाम की रकम दिलाने का झांसा देकर उससे विभिन्न किश्तों में पैसे ठग लिए। जांच में सामने आया कि जिस खाते में यह रकम गई, वह मंगलोर क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर निवासी 23 वर्षीय आकाश कुमार के नाम पर संचालित है। ऑनलाइन धोखाधड़ी के इस मामले में कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं! मंगलौर पुलिस द्वारा जांच में समन्वय पोर्टल के डेटा से खुलासा हुआ है कि आरोपी आकाश के इस खाते का इस्तेमाल देशभर में ठगी के लिए किया जा रहा था! गोवा से ₹58,200 महाराष्ट्र से ₹13,395 पश्चिम बंगाल से ₹45,700 ठगी होने का पता चला है!
क्षेत्राधिकारी मंगलौर अभिनय चौधरी ने बताया है कि की संदिग्ध धनराशि भी इसी खाते में ट्रांसफर हुई थी। इन सभी मामलों में देश के अलग-अलग राज्यों के पुलिस थानों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। मंगलोर पुलिस ने आरोपी आकाश कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।






