संवाददाता: अनिल सैनी/news1uttrakhand.in
रुड़की (हरिद्वार) हिंदू जागरण मंच, हरिद्वार ने रुड़की क्षेत्र में चल रहे अवैध पशु कटान, गौकशी और मांस के अवैध व्यापार को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मंच के जिला कार्यकारिणी सदस्य पुनीत भटनागर ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रुड़की को एक शिकायती पत्र भेजकर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आपको बता की लाइसेंस की आड़ में ‘अवैध’ खेल का हिन्दू जागरण मंच ने भंडाफोड़ करने का आह्वान किया है!

गौरतलब है कि जनपद में कोई स्लॉटर हाऊस नहीं हैं! लेकिन कुछ मीट व्यापारी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्तिथ मीट फैक्ट्री से लाकर सप्लाई करते हैं! लेकिन कुछ व्यापारी कागज़ों की मात्र खानापूर्ति कर फर्जी तरीके से अपने घरों में अवैध कटान कर नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए मीट अपनी दुकानों में बेच रहे हैं! जिला कार्यकारिणी सदस्य पुनीत भटनागर ने अपने शिकायती पत्र में मुख्य रूप से रुड़की के इमली रोड निवासी एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हिंदू जागरण मंच का दावा है कि उक्त व्यक्ति संगठित रूप से अवैध पशु कटान और गौकशी का कार्य कर रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह गौकशी के मामलों में वांछित रहा है।

हिन्दू जागरण मंच ने आरोप लगाया हैं कि ‘अकरम इंटरप्राइजेज’ के नाम से बूचड़खाना लाइसेंस (संख्या- 12621006000078) है। कि आपराधिक इतिहास वाले व्यक्ति को यह लाइसेंस किस आधार पर जारी किया गया। आरोप है कि उक्त व्यक्ति द्वारा लाइसेंस का दुरुपयोग करते हुए घर के निकट ही अवैध बूचड़खाना चलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ₹500 प्रति दुकान के हिसाब से छोटे मांस विक्रेताओं को फर्जी बिल और दस्तावेज उपलब्ध कराता है, ताकि अवैध कटान को कानूनी अमली जामा पहनाया जा सके।
हिंदू जागरण मंच ने स्रोत की जानकारी पिछले एक वर्ष से नहीं होने का आरोप भी लगाया हैं! शिकायती पत्र आरोपी द्वारा किसी भी अधिकृत मीट फैक्ट्री या वैध स्रोत से मांस की खरीद नहीं किए जाने का भी हिन्दू जागरण मंच ने आरोप लगाते हुए अवैध पशु कटान की प्रबल आशंका जताई है।
हिंदू जागरण मंच कार्यकारी सदस्य पुनीत भटनागर ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। पत्र में चेतावनी दी गई है कि इस प्रकार की गतिविधियों से पुलिस और प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। मंच ने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।






