संवाददाता:शमसुल कुरेशी/news1uttrakhand.in 
मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी गहरी पैठ ने विपक्षी दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हाल ही में भाजपा द्वारा क्षेत्र में की गई बैठकों और सक्रियता के बावजूद, जमीन पर काजी निजामुद्दीन का जादू बरकरार है। उनके विकास कार्यों और क्षेत्र की जनता से उनके सीधे जुड़ाव के कारण विपक्ष की “सेंधमारी” की तमाम कोशिशें नाकाम साबित होती दिख रही हैं।

ग़ौरतलब हैं कि मंगलौर विधानसभा 2027 के चुनाव नज़दीक हैं! राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंगलौर की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले काजी निजामुद्दीन का प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ता है। रविवार को मोहल्ला टोली में हुई भाजपा के संभावित प्रत्याशी करतार सिंह भडाना की बैठक को स्थानीय लोग केवल चुनावी स्टंट के रूप में देख रहे हैं। चर्चा है कि बाहरी नेताओं के आने से विधायक के समर्थकों में कोई हलचल नहीं है, बल्कि वे अपने नेता के प्रति और अधिक एकजुट हो गए हैं। स्थानीय जनता इस बार किसी के बहकावे में नहीं आनी वाली,काजी निजामुद्दीन के समर्थकों का कहना है कि विधायक ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे को प्राथमिकता दी है। क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए प्रयास अतुलनीय हैं। विपक्ष चाहे जितनी भी बैठकें कर ले, मंगलौर की जनता अपने “जनप्रिय नेता” का साथ छोड़ने को तैयार नहीं है।
स्थानीय जनता मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन को सिर्फ एक विधायक नहीं, बल्कि मंगलौर की आवाज मानती हैं। विरोधियों की रणनीति यहाँ के लोगों के भरोसे को हिला नहीं सकती।
भाजपा से संभावित प्रत्याशी वह नेता करतार सिंह भड़ाना की सक्रियता के बीच, मंगलौर के सियासी गलियारों में यह स्पष्ट संदेश है कि काजी निजामुद्दीन का किला आज भी पूरी तरह सुरक्षित और अभेद्य है। विपक्ष की हर चाल के सामने विधायक का मजबूत जनसमर्थन एक ढाल बनकर खड़ा है।






