संवाददाता:अनिल सैनी/news1uttrakhand.in
उत्तराखंड सरकार के कड़े प्रतिबंधों की सरेआम उड़ाई जा रही धज्जियां, हिंदू संगठनों में भारी रोष
रूड़की। उत्तराखंड सरकार द्वारा हरिद्वार जिले के भीतर पशु वध और वधशालाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, रूड़की नगर निगम की नाक के नीचे नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर निगम से मात्र कुछ ही मिनटों की दूरी पर स्थित इमली रोड (सौत मोहल्ला) में एक अवैध स्लॉटर हाउस धड़ल्ले से संचालित हो रहा है, जहां रोजाना तीन दर्जन से अधिक पशुओं का कटान किया जा रहा है। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी पहले भी गोकशी के मामले में जेल की हवा खा चुका है। जेल से छूटने के बाद इस व्यक्ति ने न सिर्फ रूड़की शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के पशुओं का अवैध कटान भी बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया है। इस अवैध धंधे को लेकर स्थानीय हिंदू संगठनों ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। संगठनों का आरोप है कि पशु कटान के बाद निकलने वाले खून को सीधे सार्वजनिक नालियों में बहा दिया जाता है। इतना ही नहीं, पशुओं के बचे हुए मांस और हड्डियों के अवशेषों को पास ही बहने वाली पवित्र सोलानी नदी में फेंका जा रहा है।
नदी में लगातार अवशेष डाले जाने के कारण जहां एक ओर नदी का पानी पूरी तरह दूषित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उठने वाली भारी दुर्गंध से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। क्षेत्र में महामारी और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। 
मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि रूड़की का ही एक अन्य स्थानीय व्यक्ति इस अवैध मीट को वैध दिखाने के लिए फर्जी बिलों का सहारा ले रहा है। इन्हीं फर्जी बिलों के दम पर इस मीट को इमली रोड और आसपास की मीट की दुकानों पर धड़ल्ले से खपाया जा रहा है।
प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह खुलेआम चल रहे अवैध कृत्य ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध स्लॉटर हाउस को तुरंत बंद कराया जाए और फर्जीवाड़ा करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।






